संजय विश्वकर्मा विरूद्ध़ मध्य प्रदेश राज्य 2008 आई0एल0आर0-2693 के मामले मे माननीय मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने यह अभिधारित किया है कि जहां मृत्यु धर के अंदर हुई है वहां अभियुक्त के लिये यह आवश्यक है कि वह परिस्थिति स्पष्ट करे कि मृत्यु किस प्रकार से हुई है
विहारी विरूद्ध मध्य प्रदेश राज्य 2008 आई0एल0आर0-2666 के मामले मे माननीय मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने यह अभिधारित किया है कि जहां अभियुक्त पति और मृतिका पत्नि को अंतिम वार धर के अंदर देखा गया है तथा उनके मध्य धर के अंदर झगडा भी हुआ है और उसके तुरंत पत्नि गंभीर क्षतियो के कारण मृत पाई गई है वहां तर्क संगत स्पष्टीकरण देने का भार अभियुक्त पर था कि कैसे उसके पत्नि उसके निवास गृह मे मृत्यु को प्राप्त हुई है । ऐसा ही मत स्वामी श्रृद्धानंद उर्फ मुरली मनोहर मिश्रा विरूद्ध कर्नाटक राज्य 2007 ए0आई0आर0(उच्चतम न्यायालय) 2531 के मामले मे अभिधारित किया गया है ।
विहारी विरूद्ध मध्य प्रदेश राज्य 2008 आई0एल0आर0-2666 के मामले मे माननीय मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने यह अभिधारित किया है कि जहां अभियुक्त पति और मृतिका पत्नि को अंतिम वार धर के अंदर देखा गया है तथा उनके मध्य धर के अंदर झगडा भी हुआ है और उसके तुरंत पत्नि गंभीर क्षतियो के कारण मृत पाई गई है वहां तर्क संगत स्पष्टीकरण देने का भार अभियुक्त पर था कि कैसे उसके पत्नि उसके निवास गृह मे मृत्यु को प्राप्त हुई है । ऐसा ही मत स्वामी श्रृद्धानंद उर्फ मुरली मनोहर मिश्रा विरूद्ध कर्नाटक राज्य 2007 ए0आई0आर0(उच्चतम न्यायालय) 2531 के मामले मे अभिधारित किया गया है ।
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